नई दिल्ली. आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और Seasonal Price Rise पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने अपने Onion Buffer Stock से प्याज की लक्षित बिक्री शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है और घरेलू मांग को पूरा करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं है। वर्ष 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307 लाख मीट्रिक टन से अधिक रहने की उम्मीद है।
2026-27 के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य
सरकार ने Price Stabilisation Fund (PSF) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 2 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज की खरीद का लक्ष्य तय किया है। इसकी खरीद प्रक्रिया 15 मई से शुरू की गई थी और अब तक करीब 1.21 लाख मीट्रिक टन प्याज बफर स्टॉक के लिए खरीदा जा चुका है। सरकार का उद्देश्य जरूरत के समय इस स्टॉक को बाजार में उतारकर प्याज की कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकना है।
35 रुपये किलो मिलेगा प्याज
सरकार बफर स्टॉक में रखे प्याज को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए इसे 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रही है। इसके लिए मोबाइल वैन और विभिन्न Retail Outlets का इस्तेमाल किया जा रहा है। NCCF और NAFED के अलावा Safal और Kendriya Bhandar के आउटलेट्स के जरिए भी उपभोक्ताओं को प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
Nashik से दिल्ली-NCR पहुंचा Kanda Express
प्याज की सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने रेल परिवहन का भी इस्तेमाल शुरू किया है। पहला Kanda Express महाराष्ट्र के नासिक से रवाना हो चुका है। इस ट्रेन में करीब 800 मीट्रिक टन प्याज लदा है, जिसके दिल्ली-NCR में देर शाम या अगले दिन सुबह पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही देश के दूसरे बड़े Consumption Centres तक प्याज पहुंचाने के लिए Road Transport के जरिए भी सप्लाई भेजी जा रही है।
सरकार की नजर प्याज की कीमतों पर
केंद्र सरकार का कहना है कि बेहतर उत्पादन और पर्याप्त Buffer Stock के चलते आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है। बफर स्टॉक से चरणबद्ध तरीके से प्याज बाजार में उतारने और अलग-अलग शहरों में इसकी सप्लाई बढ़ाने से Onion Prices में होने वाली मौसमी तेजी को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
