नई दिल्ली: देश में LPG की कमी और कुछ पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत के पास कच्चे तेल का करीब 60 दिन का स्टॉक मौजूद है और फिलहाल ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है, जबकि इस समय वास्तविक स्टॉक कवर करीब 60 दिन का है। सरकार के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।
‘अगले दो महीने तक हर भारतीय के लिए स्थिर आपूर्ति उपलब्ध’
सरकार ने कहा है कि वैश्विक हालात चाहे जैसे भी रहें, हर भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर ईंधन आपूर्ति उपलब्ध है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद (crude procurement) भी पहले से सुरक्षित कर ली गई है।
इस बयान का मकसद बाजार में फैल रही घबराहट और आपूर्ति संकट की आशंकाओं को शांत करना माना जा रहा है।
घरेलू LPG उत्पादन में 40% की बढ़ोतरी
सरकार के अनुसार, देश में रिफाइनरी उत्पादन को 40 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है।
इससे अब दैनिक LPG उत्पादन 50 TMT तक पहुंच गया है, जबकि देश की कुल दैनिक जरूरत करीब 80 TMT है।
यानी अब भारत को LPG के लिए पहले की तुलना में कम आयात पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
अब सिर्फ 30 TMT LPG आयात की जरूरत
मंत्रालय ने बताया कि घरेलू उत्पादन बढ़ने के बाद अब देश की नेट दैनिक LPG आयात जरूरत घटकर सिर्फ 30 TMT रह गई है।
इसका मतलब है कि भारत अब अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खुद ही तैयार कर रहा है।
सरकार का कहना है कि यह स्थिति ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
800 TMT LPG कार्गो पहले से रास्ते में
घरेलू उत्पादन के अलावा, सरकार ने यह भी बताया कि 800 TMT के सुनिश्चित LPG कार्गो पहले से ही भारत के लिए रवाना हो चुके हैं।
ये कार्गो:
अमेरिका
रूस
ऑस्ट्रेलिया
और अन्य देशों से आ रहे हैं।
ये सभी आपूर्ति देश के 22 LPG आयात टर्मिनलों पर पहुंचेगी। सरकार ने बताया कि 2014 में जहां सिर्फ 11 टर्मिनल थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
घबराहट में बुकिंग बढ़ी, अब सिलेंडर की मांग में गिरावट
सरकार के मुताबिक, उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में सिलेंडर बुकिंग किए जाने के कारण मांग अचानक बढ़ गई थी।
एक समय पर यह मांग बढ़कर 89 लाख सिलेंडर प्रतिदिन तक पहुंच गई थी।
हालांकि अब सिलेंडर की मांग में गिरावट आने लगी है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
तेल कंपनियां रोज 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर कर रहीं
सरकार ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल हर दिन 50 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर की सफल डिलीवरी कर रही हैं।
इसके साथ ही, राज्य सरकारों से परामर्श के बाद कमर्शियल सिलेंडरों का आवंटन 50 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है, ताकि:
जमाखोरी (hoarding)
और कालाबाजारी (black marketing)
को रोका जा सके।
PNG को लेकर सरकार ने क्या कहा
सरकार ने यह भी साफ किया कि यह दावा कि LPG खत्म हो रही है इसलिए PNG को बढ़ावा दिया जा रहा है, पूरी तरह भ्रामक (misinformation) है।
मंत्रालय ने कहा कि PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) को इसलिए बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि यह:
बेहतर
सस्ती
और ज्यादा सुविधाजनक ईंधन है।
यानी PNG का विस्तार LPG संकट की वजह से नहीं, बल्कि ऊर्जा विकल्पों को मजबूत करने की नीति का हिस्सा है।
सरकार की अपील: अफवाहों पर नहीं, आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे ईंधन और गैस उपलब्धता से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
सरकार का कहना है कि अफवाहों और गलत सूचनाओं से अनावश्यक घबराहट, अत्यधिक बुकिंग और आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की बड़ी परीक्षा
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन प्रबंधन पर लगातार नजर बनी हुई है।
ऐसे में सरकार का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे बाजार, उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को एक स्पष्ट संदेश गया है कि फिलहाल देश में ईंधन संकट जैसी स्थिति नहीं है।
