नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के किराया ढांचे (Passenger Fare Structure) में संशोधन किया है, जो आज से प्रभावी हो गया है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों की सुलभता (Affordability) बनाए रखते हुए रेलवे संचालन की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है।
पुराने टिकटों पर कोई असर नहीं
रेलवे ने साफ किया है कि आज से पहले बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, भले ही यात्रा की तारीख नई दरें लागू होने के बाद की हो। नई किराया दरें केवल आज या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर ही लागू होंगी।
सबअर्बन सेवाएं और सीजन टिकट जस के तस
यात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने सबअर्बन ट्रेनों और सीजन टिकट (Suburban और Non-Suburban दोनों) के किराए में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर किसी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा।
Ordinary Non-AC ट्रेनों में दूरी के हिसाब से बढ़ोतरी
रेलवे ने Ordinary Non-AC (Non-Suburban) सेवाओं में किराया ग्रेडेड तरीके से बढ़ाया है।
215 किमी तक: कोई बढ़ोतरी नहीं
216–750 किमी: ₹5 की बढ़ोतरी
751–1250 किमी: ₹10 की बढ़ोतरी
1251–1750 किमी: ₹15 की बढ़ोतरी
1751–2250 किमी: ₹20 की बढ़ोतरी
रेलवे का कहना है कि इस व्यवस्था से कम दूरी और दैनिक यात्रियों पर असर नहीं पड़ेगा।
स्लीपर और फर्स्ट क्लास ऑर्डिनरी में सीमित बढ़ोतरी
Sleeper Class Ordinary और First Class Ordinary में किराया 1 पैसा प्रति किलोमीटर की दर से बढ़ाया गया है, ताकि बढ़ोतरी धीमी और सीमित रहे।
मेल–एक्सप्रेस और AC ट्रेनों का किराया
Mail और Express Trains में Non-AC और AC सभी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया बढ़ाया गया है। इसमें शामिल हैं:
स्लीपर क्लास
फर्स्ट क्लास
AC चेयर कार
AC 3 टियर
AC 2 टियर
AC फर्स्ट क्लास
राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत पर भी असर
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस, वंदे भारत, हमसफर, अमृत भारत और तेजस राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनों के बेसिक किराए को भी नई स्वीकृत दरों के अनुसार संशोधित किया गया है।
अन्य शुल्कों में कोई बदलाव नहीं
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि:
आरक्षण शुल्क (Reservation Fee)
सुपरफास्ट सरचार्ज
अन्य अतिरिक्त शुल्क
इन सभी में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
GST और राउंड ऑफ नियम बरकरार
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि GST की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है और किराए को पहले की तरह राउंड ऑफ नियमों के अनुसार ही तय किया जाएगा।
यात्रियों के लिए क्या है संदेश?
रेलवे का कहना है कि नई किराया नीति से जहां एक ओर रेलवे की सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।
