नई दिल्ली. झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके दोनों विधायक INDIA गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रविवार को रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्यसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक का पूरा समर्थन करेगी और दोनों विधायक गठबंधन उम्मीदवारों को वोट देंगे।
राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प
उन्होंने कहा कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एक ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं, जबकि दूसरी ओर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी चुनाव लड़ रहे हैं। भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार को उतारकर राजनीतिक रणनीति बनाई है, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा के सदस्य लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए मतदान करेंगे और भाजपा की योजना को नाकाम करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से दो पोलिंग एजेंट भी नियुक्त किए गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक
झारखंड विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक हैं। इनमें जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और CPI(ML) के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए किसी उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होगी। ऐसे में राजनीतिक दलों की नजर संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी टिकी हुई है।
राज्यसभा की ये सीटें जेएमएम संस्थापक और वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन के निधन तथा भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हुई हैं। दोनों सीटों पर चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
ईंधन की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा
इस दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है और आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार महंगाई का बोझ अब आम जनता के लिए असहनीय होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की आय और मजदूरी मौजूदा महंगाई के मुकाबले बेहद कम है, जिसके चलते देशभर में मजदूर संगठनों द्वारा वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 जून से 15 जुलाई तक गांवों और शहरों में रोजगार की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान भी चलाया जाएगा।
भट्टाचार्य ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा पत्र लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

