मामूली विवादों के लिये न्यायालय में जाने से बचाने के लिये पत्र लिखेंगे कानून मंत्री

कांगड़ा(धर्मशाला). सोमवार को धर्मशाला में केंद्रीय कानून एवं न्यायमंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भ्रष्टाचार फैलाया हुआ है. उन्होंने कहा, “वीरभद्र सिंह ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुए अपनी 25 लाख सेब की फसल को छ: करोड़ में तब्दील कर दिया.

रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बारे में कहा कि वे भ्रष्टाचार के मामले में जमानत पर हैं और उनकी पत्नी पर और बेटे पर भी मामला है जबकि भाजपा सरकार के 3 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार का कोई भी आरोप नहीं सिद्ध हुआ है. इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा बेदाग पार्टी है.

उन्होंने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए धर्मशाला में अभी तक कोई भी जमीन नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मामला अधर में लटका हुआ है. उन्होंने नेशनल हाई-वे की स्थिति को बयां करते हुए कहा कि 243 किलोमीटर का कार्य प्रगति पर है व 450 किलोमीटर की डीपीआर बनकर तैयार हो गई है, जिसकी सुविधा जनता को जल्द मुहैया करवाई जाएगी.

उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करने के बाद अब तक 70 लाख के करीब व्यापारी रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो कि कांग्रेस राज में ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सिविल कोर्ट में दो से तीन हजार नए जजों की नियुक्ति की गई है.

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा कि वह सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र के माध्यम से सूचित करेंगे कि अपने राज्य में कुछ कानून नियम बनाए जाएं, ताकि छोटे-मोटे केसों को न्यायालय में ना भेजा जाए और अपने स्तर पर ही निपटाए जा सके.

उन्होंने कहा कि केद्र सरकार द्वारा तो हिमाचल प्रदेश के लिए कई योजनाएं दी जा रही हैं, लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इसमें अवरोध पैदा किया जा रहा है. उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में ईमानदार और भ्रष्टाचार मुक्त भाजपा को सत्ता में लाएं, ताकि और विकास हो सके.

इस अवसर पर सांसद शांता कुमार, कृपाल परमार, विपन परमार, संजय चौधरी, राकेश शर्मा व किशन कपूर मौजूद रहे.