नई दिल्ली. आर्थिक संकट और करीब 1 लाख करोड़ रुपये के कर्ज से जूझ रही हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में 27 साल बाद Lottery Scheme दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार का मकसद लॉटरी के जरिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना है। अनुमान है कि इस व्यवस्था से हर साल करीब 50 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। लॉटरी की बिक्री Paper Tickets के साथ-साथ Online Platforms के जरिए भी की जाएगी। इसके लिए सरकार ने एक Sole Selling Agent नियुक्त करने के लिए E-Tender जारी किया है।
दिवाली से शुरू हो सकती है लॉटरी
सरकार की योजना के मुताबिक लॉटरी के टिकट Authorized Offline Stores और Online Platforms पर उपलब्ध कराए जाएंगे। E-Tender के लिए Online Bidding की प्रक्रिया 3 सितंबर से शुरू होगी और 14 सितंबर तक दस्तावेज जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद 15 सितंबर को Technical Bid की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि Financial Bid खोलने की तारीख बाद में तय की जाएगी। सरकार के मुताबिक Financial Bidding शुरू होने के 30 दिनों के भीतर चयनित एजेंसी को Letter of Award जारी किया जाएगा। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लॉटरी का संचालन शुरू होगा और सरकार इसे Diwali के आसपास Launch करने की तैयारी कर रही है।
सरकार को हर साल 50 करोड़ रुपये की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए नए Revenue Sources तलाशना जरूरी है। सरकार ने पंजाब और केरल जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा है कि वहां Lottery से अच्छी खासी आय हो रही है। पिछले वित्त वर्ष में पंजाब ने लॉटरी से करीब 235 करोड़ रुपये, जबकि केरल ने करीब 13,582 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। इसी आधार पर हिमाचल सरकार को भी उम्मीद है कि लॉटरी शुरू होने से सरकारी खजाने को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी।
कैसे काम करेगा नया Lottery System?
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चुनी जाने वाली Sole Selling Agency को सरकार को हर साल 10 करोड़ रुपये Licence Fee देनी होगी। इस फीस में हर साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा एजेंसी को सालाना कम से कम 6 करोड़ रुपये की Guaranteed Amount भी देनी होगी। उसे Lottery Turnover में कम से कम 2 फीसदी Revenue Sharing के लिए भी बोली लगानी होगी।
सरकार ने एजेंसी के लिए Security Deposit की भी व्यवस्था रखी है। चयनित कंपनी को किसी निर्धारित बैंक से 30 करोड़ रुपये की FDR या Irrevocable Bank Guarantee देनी होगी। वहीं Tender Process में हिस्सा लेने वाली कंपनियों को 2 करोड़ रुपये की EMD और 5 लाख रुपये की Tender Fee जमा करनी होगी।
दिन में अधिकतम 12 Lottery Draw होंगे
प्रस्तावित योजना के तहत एक दिन में अधिकतम 12 Lottery Draws आयोजित किए जा सकेंगे। हालांकि Republic Day, Independence Day और Gandhi Jayanti के दिन कोई Draw नहीं होगा। इसके अलावा सरकार साल में तीन बड़े Lottery Draw आयोजित करने की भी योजना बना रही है। इनमें Diwali, New Year और अन्य प्रमुख त्योहारों के मौके पर होने वाले विशेष Draw शामिल हो सकते हैं।
1999 में बंद हुई थी लॉटरी
हिमाचल प्रदेश में लॉटरी को वर्ष 1999 में बंद कर दिया गया था। अब करीब 27 साल बाद इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी हो रही है। सरकार इसे राज्य की आय बढ़ाने के एक माध्यम के तौर पर देख रही है, लेकिन इस फैसले को लेकर राजनीतिक विरोध भी शुरू हो गया है।
अनुराग ठाकुर ने लॉटरी टेंडर वापस लेने की मांग की
BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर Lottery Tender तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में लॉटरी पर प्रतिबंध इसके कर्मचारियों, पेंशनर्स, मजदूरों और युवाओं पर पड़ने वाले कथित गंभीर प्रभावों को देखते हुए लगाया गया था।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकारों ने आर्थिक दबाव के बावजूद इस प्रतिबंध को जारी रखा और यह राज्य में एक तरह की सहमति बन चुकी थी। ऐसे में उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि केवल Revenue बढ़ाने के लिए Lottery को दोबारा शुरू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

