नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत इस समय “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है, जहां सरकार प्रक्रियाओं को सरल बना रही है, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बेहतर कर रही है और टेक्नोलॉजी-आधारित शासन का विस्तार कर रही है।
“टेक्नोलॉजी, रिफॉर्म्स एंड फाइनेंस फॉर विकसित भारत” विषय पर आयोजित पोस्ट बजट वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों को केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि उनके जमीनी प्रभाव से आंका जाना चाहिए।
टेक्नोलॉजी से पारदर्शिता और जवाबदेही
प्रधानमंत्री ने एआई, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स के व्यापक उपयोग के माध्यम से पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत का विकास मजबूत परिसंपत्तियों—हाईवे, रेलवे, बंदरगाह, डिजिटल नेटवर्क और पावर सिस्टम—के निर्माण से ही संभव है। ये परिसंपत्तियां आने वाले कई दशकों तक उत्पादकता बढ़ाएंगी।
सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में बड़ा इजाफा
प्रधानमंत्री ने बताया कि 11 वर्ष पहले बजट में पूंजीगत व्यय के लिए लगभग 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाते थे, जबकि नवीनतम केंद्रीय बजट में यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
बजट एक नीति रोडमैप
प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्सर बजट का मूल्यांकन शेयर बाजार या आयकर प्रस्तावों के आधार पर किया जाता है, जबकि सच्चाई यह है कि राष्ट्रीय बजट कोई अल्पकालिक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक नीति रोडमैप है। इसकी प्रभावशीलता का आकलन ठोस और व्यापक मानकों पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वेबिनार केवल विचार-विमर्श का मंच न बने, बल्कि मंथन का माध्यम बने। जब उद्योग, शिक्षाविद, विश्लेषक और नीति-निर्माता मिलकर सोचते हैं, तो योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होता है और सटीक परिणाम मिलते हैं।
प्रधानमंत्री का यह संदेश विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सुधारों की निरंतरता और प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा।
