नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान के Ajmer से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए “स्वस्थ नारी” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रोकथाम, सुरक्षा और समानता को केंद्र में रखती है।
हर साल 1.15 करोड़ बालिकाओं को मिलेगा लाभ
यह कार्यक्रम देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रतिवर्ष लगभग 1.15 करोड़ 14 वर्षीय बालिकाओं को लक्षित करेगा।
टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
आयुष्मान आरोग्य मंदिर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
उप-जिला एवं जिला अस्पताल
सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और टीका लगाने से पहले अभिभावकों की सहमति ली जाएगी।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम पर फोकस
GLOBOCAN 2022 के अनुसार, भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल 1.20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हजार महिलाओं की मृत्यु होती है। वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण, विशेषकर टाइप 16 और 18, के कारण होते हैं।
कौन-सा टीका लगेगा?
भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रम में क्वाड्रीवेलेंट एचपीवी वैक्सीन Gardasil का उपयोग किया जाएगा। वर्ष 2006 से अब तक विश्वभर में 50 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। शोध बताते हैं कि यह टीका संबंधित एचपीवी प्रकारों से होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में लगभग 100% प्रभावी है।
इस पहल के साथ भारत उन 160 से अधिक देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने अपने टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी वैक्सीन को शामिल किया है।
तीन महीने का विशेष अभियान
यह विशेष अभियान मिशन मोड में तीन महीने तक चलेगा, जिसके दौरान पात्र बालिकाएं निर्धारित केंद्रों पर प्रतिदिन टीका लगवा सकेंगी। इसके बाद यह टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत उपलब्ध रहेगा।
देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम वैज्ञानिक साक्ष्यों, नीति प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का संगम है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य पर ठोस और मापनीय सकारात्मक प्रभाव डालना है।
