नई दिल्ली.संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा फैसला सामने आया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर Nationalist Citizens Party of India (NCPI) में शामिल हुए 20 बागी सांसदों को सदन में अलग बैठने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद इन सांसदों को लोकसभा में अलग पहचान और अलग सीटिंग व्यवस्था मिलेगी।
20 सांसदों को मिली अलग पहचान
लोकसभा सचिवालय की मंजूरी के बाद NCPI में शामिल हुए इन 20 सांसदों को सदन में अलग समूह के रूप में बैठने की अनुमति मिल गई है। माना जा रहा है कि इससे लोकसभा में दलों की स्थिति और राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। यह फैसला संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिवसेना में 6 सांसदों का विलय भी मंजूर
लोकसभा अध्यक्ष ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को भी मंजूरी दे दी है। इस विलय के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की शिवसेना की संख्या 7 से बढ़कर 13 सांसद हो गई है।
लोकसभा में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण
इन दोनों फैसलों के बाद लोकसभा में विभिन्न दलों की संख्या और उनकी स्थिति में बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से शिवसेना की संसदीय ताकत बढ़ने और NCPI को अलग पहचान मिलने से संसद के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
मानसून सत्र से पहले अहम फैसला
संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले लिया गया यह फैसला राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी सत्र में कई अहम विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होनी है। ऐसे में लोकसभा में दलों की नई स्थिति सदन की कार्यवाही और राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।

