नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड को संबोधित किया। 27 सितंबर को प्रसारित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना, पर्यावरण संरक्षण, पोषण, युवाओं की नशे के खिलाफ मुहिम, खेल प्रतिभाओं और देश की सांस्कृतिक विरासत समेत कई मुद्दों पर बात की। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हिस्से में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश पर हमला करने की कोशिश का जवाब दिया जाएगा।
सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में आतंकवाद के खिलाफ की गई विभिन्न कार्रवाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को स्पष्ट किया है। सरकार के अनुसार, 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक उरी आतंकी हमले के बाद नियंत्रण रेखा के पार आतंकी लॉन्च पैड को निशाना बनाकर की गई थी। वहीं 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाए जाने की बात सरकार ने कही थी।
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया, जिसे 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। स्रोत के अनुसार, इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री ने इन अभियानों को आतंकवाद के खिलाफ भारत की व्यापक नीति से जोड़ते हुए कहा कि देश ने बार-बार स्पष्ट किया है कि आतंकी हमलों को अनुत्तरित नहीं छोड़ा जाएगा।
जनगणना को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने जनगणना के महत्व पर भी बात की। उन्होंने इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक की भूमिका है। जनगणना के जरिए देश की आबादी और उससे जुड़े विभिन्न आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाता है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
अशोक सिंघल को जन्म शताब्दी पर किया याद
प्रधानमंत्री ने अशोक सिंघल को उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर याद किया। उन्होंने समाज और राष्ट्र के प्रति उनके लंबे योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
सूर्य उपासना से सौर ऊर्जा तक, मोढेरा का किया जिक्र
पीएम मोदी ने भारत में सूर्य उपासना की परंपरा का जिक्र करते हुए इसे प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता से जोड़ा। उन्होंने गुजरात के मोढेरा का उदाहरण दिया और कहा कि यह स्थान अपने प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के साथ देश के पहले सोलर विलेज के रूप में भी पहचान बना चुका है।
प्रधानमंत्री ने मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी के आक्रमण के दौरान कई स्थानों को निशाना बनाया गया था और मोढेरा का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर भी इस दौरान क्षतिग्रस्त हुआ। पीएम मोदी के अनुसार, राजा भीमदेव प्रथम ने गजनवी का मुकाबला करने के साथ ही मंदिर का कम समय में पुनर्निर्माण कराया था।
तमिलनाडु के ए. सेल्वराज के प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के ए. सेल्वराज के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, सेल्वराज प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों की पहचान करने का काम कर रहे हैं, जिससे लोगों को अपनी प्राचीन विरासत के बारे में जानने और उसे समझने का अवसर मिल रहा है। पीएम मोदी ने ऐसे प्रयासों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ने वाला बताया।
असम में प्रकृति संरक्षण और पिग्मी हॉग का जिक्र
प्रधानमंत्री ने असम में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों पर भी चर्चा की। उन्होंने ऐसे वन क्षेत्र का उदाहरण दिया जो कभी शिकार की समस्या से प्रभावित था और बाद में संरक्षण से जुड़े प्रयासों के जरिए वहां वन्यजीवों और उनके आवास को सुरक्षित करने पर काम किया गया।
पीएम मोदी ने असम में पिग्मी हॉग के संरक्षण कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब यह प्रजाति विलुप्ति के खतरे में थी, तब इसके संरक्षण के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम में साझा जानकारी के अनुसार, अब पिग्मी हॉग की संख्या करीब 190 तक पहुंच गई है।
सुंदरबन की महिलाओं ने मैंग्रोव लगाकर गांवों को दिया प्राकृतिक सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में महिलाओं द्वारा किए जा रहे मैंग्रोव पौधारोपण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ महिलाओं ने बाघों के हमलों में अपने पति खो दिए थे और संरक्षण से जुड़े काम ने उन्हें आजीविका का साधन उपलब्ध कराया।
मैंग्रोव लगाने का यह काम केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में बताया गया कि ये पौधे गांवों के आसपास प्राकृतिक सुरक्षा कवच बनाने में मदद कर रहे हैं और महिलाओं के लिए आय का स्रोत भी बन रहे हैं।
नशे के खिलाफ युवाओं की मुहिम का किया जिक्र
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच नशे के खिलाफ चल रहे ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा रचनात्मक गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए नशे से दूर रहने का संदेश दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति नशे की आदत से जूझ रहा है तो उससे बातचीत की जाए और उसे सहयोग दिया जाए। उन्होंने नशे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों के साथ खड़े होने और उन्हें बेहतर जीवन की ओर बढ़ने में मदद करने की बात कही।
गांवों के बच्चों में हॉकी प्रतिभा को बढ़ावा देने की पहल
पीएम मोदी ने राजिंदर सिंह सीनियर के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में हॉकी प्रतिभा तलाशने और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने राउंड ग्लास हॉकी अकादमी की गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों के बच्चों को व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए हॉकी में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
प्रतापगढ़ का आंवला किसानों और महिलाओं के लिए बना नया अवसर
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के प्रसिद्ध आंवले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आंवला प्रसंस्करण के जरिए किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस जैसे उत्पाद तैयार करने के साथ ही प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से भी जुड़ रही हैं।
पोषण को लेकर राज्यों की स्थानीय पहल का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने मिजोरम में पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिए शुरू किए गए अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे मिजो समाज की ‘Tlawm-ngaihna’ परंपरा से जोड़ा, जिसका अर्थ निस्वार्थ सेवा और जरूरत के समय दूसरों की मदद के लिए आगे बढ़ना बताया गया है।
महाराष्ट्र में कुपोषण से निपटने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बच्चों के माता-पिता जागरूकता अभियानों में हिस्सा ले रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
गुजरात में मिलेट्स और छत्तीसगढ़ में मुनगा अभियान
गुजरात में मिलेट्स से बने व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित प्रतियोगिता का भी प्रधानमंत्री ने जिक्र किया। कार्यक्रम में साझा जानकारी के मुताबिक, इसमें अब तक दो लाख से ज्यादा लोग हिस्सा ले चुके हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय, किफायती और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देना है।
छत्तीसगढ़ में ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों को अपने भोजन में मुनगा यानी सहजन को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। इन सभी पहलों को उन्होंने कुपोषण से निपटने और स्थानीय स्तर पर स्वस्थ खानपान को बढ़ावा देने के प्रयासों से जोड़ा।
थाईलैंड में भी लोकप्रिय हो रही गणेश यात्रा
प्रधानमंत्री ने थाईलैंड में भगवान गणेश से जुड़ी आस्था और अष्टविनायक यात्रा की लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 में उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल संग्रहालय की स्थापना हुई थी। कार्यक्रम में साझा जानकारी के अनुसार, इस संग्रहालय में भगवान गणेश की 10 हजार से अधिक मूर्तियां हैं, जिनमें अष्टविनायक की मूर्तियां भी शामिल हैं।
पीएम मोदी ने एक ऐसे व्यक्ति की कहानी भी साझा की, जिसकी गणेश जी के प्रति आस्था 19 वर्ष की उम्र में पिता द्वारा भगवान गणेश की तस्वीर दिए जाने के बाद गहरी हुई। उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक भगवान गणेश से जुड़ी परंपराओं का अध्ययन किया और एशिया के कई देशों की यात्रा की। प्रधानमंत्री ने बताया कि थाईलैंड में भगवान गणेश को ‘Phra Phikanet’ के रूप में पूजा जाता है और उन्हें ज्ञान, बुद्धि तथा शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
138वें एपिसोड में कई स्थानीय पहलों को राष्ट्रीय मंच
‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही स्थानीय पहलों को भी जगह मिली। पर्यावरण संरक्षण से लेकर पोषण, खेल, नशा मुक्ति, कृषि प्रसंस्करण और सांस्कृतिक विरासत तक कई उदाहरणों के जरिए प्रधानमंत्री ने स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। कार्यक्रम का प्रसारण रविवार सुबह 11 बजे हुआ।
