नई दिल्ली: संसद का Monsoon Session सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा और पारित कराने के लिए सदन में पेश करेगी। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने संसद भवन एनेक्सी में सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने और विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने को लेकर सभी दलों से सहयोग की अपील की गई।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक
सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और डॉ. एल. मुरुगन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा अपना दल की अनुप्रिया पटेल, जेडीयू के संजय झा, तेलुगु देशम पार्टी के लावू श्रीकृष्ण देवरायलु, कांग्रेस के जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी सहित करीब 40 राजनीतिक दलों के 50 से अधिक नेताओं ने बैठक में भाग लिया।
NCPI की मौजूदगी पर विपक्ष का विरोध
बैठक शुरू होते ही विपक्षी दलों ने Nationalist Citizens Party of India (NCPI) को आमंत्रित किए जाने का विरोध करते हुए प्रतीकात्मक वॉकआउट किया। विपक्ष का कहना था कि NCPI अभी मान्यता प्राप्त संसदीय दल नहीं है, इसलिए उसे इस बैठक में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि विरोध दर्ज कराने के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए और चर्चा में हिस्सा लिया।
किरण रिजिजू ने की रचनात्मक चर्चा की अपील
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सार्थक बहस आवश्यक है और लगातार व्यवधान किसी के हित में नहीं है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, झारखंड मुक्ति मोर्चा, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत पूरे विपक्ष ने NCPI की मौजूदगी के विरोध में बैठक से वॉकआउट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि NCPI को संसदीय मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए उसे सर्वदलीय बैठक में बुलाना उचित नहीं था।
वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने इस वॉकआउट को NCPI को बैठक में बुलाए जाने के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया।
NCPI ने विपक्ष की आलोचना की
दूसरी ओर, NCPI के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने विपक्ष के विरोध की आलोचना करते हुए कहा कि अब एनडीए में NCPI दूसरा सबसे बड़ा दल है और विपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
अहम विधेयकों पर रहेगी नजर
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी में है। इसके साथ ही विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों को उठाने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में आने वाला संसद सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
