नई दिल्ली: महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के लोकसभा में पास न हो पाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, Narendra Modi आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर महिला आरक्षण बिल का विरोध करने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने “बड़ी गलती” की है और देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। बताया जा रहा है कि संविधान (131वां संशोधन) बिल, जो महिला आरक्षण से जुड़ा था, को पास कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी। लेकिन इसे 298 सांसदों का ही समर्थन मिला, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। इसी वजह से यह बिल पास नहीं हो सका।
विपक्ष ने कहा वह महिला आरक्षण के पक्ष में है
बिल के फेल होने के बाद सरकार ने परिसीमन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल पर वोटिंग नहीं कराई, क्योंकि ये दोनों इसी बिल से जुड़े हुए थे। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसके लागू करने के तरीके से असहमत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मौजूदा लोकसभा में ही एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी चाहिए।
हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष से बिल का समर्थन करने की अपील की। मतदान से पहले प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से अपने “विवेक” से सोचने और महिला आरक्षण को एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए समर्थन देने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी कहा कि अगर यह कानून सर्वसम्मति से पास होता तो यह भारत की महिलाओं और लोकतंत्र दोनों को मजबूत करता। उन्होंने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का समर्थन करते हुए कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं सांसदों के फैसलों पर नजर रख रही हैं।
