नई दिल्ली. लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के फेल होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए इसे ‘हमेशा सत्ता में बने रहने की साजिश’ करार दिया है।
नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि यह विधेयक लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की कोशिश थी, जिसे लोकसभा में रोक दिया गया। उन्होंने इसे “लोकतंत्र की बड़ी जीत” बताया और कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने सरकार की योजना को विफल कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन (delimitation) लागू करना चाहती थी, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी कमजोर हो सकती थी। प्रियंका गांधी ने चेतावनी दी कि यदि इन राज्यों का प्रतिनिधित्व घटाने की कोशिश हुई तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं : प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है और यदि सरकार बिना शर्त “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” लागू करती है, तो सभी दल उसका समर्थन करेंगे।
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि संसद का विशेष सत्र अचानक बुलाया गया और विधेयक का मसौदा अंतिम समय में साझा किया गया, जिससे पर्याप्त चर्चा का मौका नहीं मिला।
गौरतलब है कि 16 से 18 अप्रैल तक चले विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए थे, जिनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक भी शामिल था। इस पर हुए मतदान में 298 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध किया, लेकिन आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) न मिलने के कारण यह विधेयक पास नहीं हो सका।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल कर खुद को महिला हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि असल में इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
