नई दिल्ली. अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ ने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है और इससे करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। RSS ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपील की है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर की व्यवस्था में सभी कमियों को दूर करे, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
‘भ्रम और अनिश्चितता खत्म होनी चाहिए’
RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि इस घटना को लेकर फैला भ्रम और अनिश्चितता अब समाप्त होनी चाहिए। इसके लिए ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।
दान चोरी से राम भक्तों में नाराजगी
संघ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर वर्षों के संघर्ष और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। ऐसे मंदिर में दान पेटियों से चोरी की घटना ने पूरे हिंदू समाज को दुख और आक्रोश से भर दिया है। इसलिए ट्रस्ट की जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शी और मजबूत वित्तीय व्यवस्था विकसित करे, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
ट्रस्ट से पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद
RSS ने विश्वास जताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत बनाएगा तथा मंदिर की सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा। साथ ही मंदिर का वातावरण पवित्रता, श्रद्धा और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
विवाद का गलत फायदा न उठाने की अपील
संघ ने हिंदू समाज से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी ताकतें इस मामले का फायदा उठाकर समाज और आस्था को बदनाम करने की कोशिश कर सकती हैं। ऐसे प्रयासों से सतर्क रहने की जरूरत है।
अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी
दान चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
जांच के अनुसार, टिन्नू यादव पहले ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय का ड्राइवर था, जबकि सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव दान राशि की गिनती की व्यवस्था देखते थे। बाकी आरोपी भी दान की गिनती के काम से जुड़े हुए थे।
चंपत राय दे चुके हैं इस्तीफा
मामले में एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारियों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने इस्तीफे ट्रस्ट को सौंप दिए हैं। ट्रस्ट ने कहा है कि इन इस्तीफों पर अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा।
RSS का बयान क्यों है अहम?
राम जन्मभूमि आंदोलन से RSS का दशकों पुराना और गहरा संबंध रहा है। मंदिर निर्माण के आंदोलन में संघ और उसके सहयोगी संगठनों की बड़ी भूमिका रही थी। ऐसे में मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों से ट्रस्ट के साथ-साथ संघ की छवि पर भी सवाल उठे।
यही वजह है कि RSS ने पहली बार सार्वजनिक बयान जारी कर एक ओर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट से व्यवस्था में सुधार और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की है।

