नई दिल्ली. आगामी विधानसभा चुनावों की मतगणना (Vote Counting) से पहले Election Commission of India ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब काउंटिंग सेंटर (Counting Centres) पर QR Code आधारित ID सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे अनधिकृत लोगों की एंट्री पूरी तरह रोकी जा सके।
4 मई से लागू होगा नया सिस्टम
यह नई व्यवस्था 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले लागू की जा रही है। जिन राज्यों में यह सिस्टम लागू होगा, वे हैं:
West Bengal
Tamil Nadu
Kerala
Assam
Puducherry
इसके अलावा 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव (By-elections) में भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।
तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (3-Tier Security System)
चुनाव आयोग ने काउंटिंग सेंटर पर तीन स्तर की सुरक्षा जांच तय की है:
पहला स्तर:
फोटो ID कार्ड की मैनुअल जांच (Manual Verification)
दूसरा स्तर:
दोबारा ID की जांच Returning Officer (RO) द्वारा जारी कार्ड के आधार पर
तीसरा और सबसे अहम स्तर:
काउंटिंग हॉल के अंदर प्रवेश से पहले QR Code स्कैनिंग अनिवार्य
QR कोड स्कैन के बिना किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
किन लोगों को मिलेगा QR Code ID?
यह QR Code आधारित Photo ID कार्ड केवल अधिकृत लोगों को दिया जाएगा, जैसे:
Returning Officer (RO)
Assistant Returning Officer (ARO)
Counting Staff
Technical Team
उम्मीदवार (Candidates)
Election Agents और Counting Agents
इससे हर व्यक्ति की डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी एंट्री की संभावना खत्म होगी।
मीडिया के लिए भी खास इंतजाम
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि:
हर काउंटिंग सेंटर पर Media Center बनाया जाएगा
अधिकृत मीडिया कर्मियों को पहले की तरह Authority Letter के आधार पर प्रवेश मिलेगा
भविष्य में भी लागू रहेगा सिस्टम
ECI ने साफ किया है कि यह QR Code ID System सिर्फ इस चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा।
भविष्य में होने वाले:
लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections)
राज्य विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)
उपचुनाव (By-elections)
सभी में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
चुनाव आयोग के मुताबिक:
अनधिकृत लोगों की एंट्री रोकना
पारदर्शिता (Transparency) बढ़ाना
सुरक्षा को हाई-टेक बनाना
इन सभी उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
QR Code आधारित ID सिस्टम चुनाव प्रक्रिया को और सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ काउंटिंग सेंटर की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता भी और मजबूत होगी।
