नई दिल्ली. Supreme Court of India ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी National Investigation Agency से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन जगहों पर NIA के 10 से 15 मामले लंबित हैं, वहां कम से कम एक विशेष अदालत एक महीने के भीतर बनाई जाए।
रोजाना होगी मामलों की सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi की पीठ ने कहा कि इन विशेष अदालतों को कोई अन्य मामला नहीं सौंपा जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि NIA मामलों की सुनवाई रोजाना आधार पर की जाए ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
हर महीने कम से कम एक मुकदमे का निपटारा जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेष अदालतों के न्यायाधीश यह सुनिश्चित करेंगे कि हर महीने कम से कम एक मामले का फैसला हो। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि लंबित मामलों की संख्या 15 से अधिक है, तो वहां दो विशेष अदालतें स्थापित की जाएंगी।
आरोपियों और पीड़ितों दोनों के अधिकारों का संतुलन जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामलों के त्वरित निपटारे से आरोपियों और पीड़ितों दोनों के अधिकारों के बीच संतुलन बना रहेगा। अदालत ने माना कि लंबे समय तक मुकदमे लंबित रहने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
लंबित मामलों को लेकर स्वत: संज्ञान लिया था कोर्ट ने
यह मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान यानी सुओ मोटू के तहत शुरू किया गया था। अदालत ने चिंता जताई थी कि NIA से जुड़े कई मुकदमे वर्षों से लंबित पड़े हैं और उनकी सुनवाई में लगातार देरी हो रही है
