नई दिल्ली. राजस्थान में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की तैयारी के बीच 9 जुलाई से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वे शुरू हो गया है। यह सर्वे आगामी पंचायत, नगर निकाय, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों में OBC आरक्षण तय करने के लिए किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य अद्यतन और प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर संवैधानिक और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था लागू करना है।
23 जुलाई तक चलेगा सर्वे
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की ओर से शुरू किया गया यह सर्वे 23 जुलाई तक चलेगा। इसके लिए पूरे राज्य में 51,168 सरकारी गणनाकार (Enumerators) तैनात किए गए हैं। ये कर्मचारी घर-घर जाकर OBC परिवारों की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करेंगे।
Rajdhara Survey Mobile App से जुटाया जाएगा डेटा
यह सर्वे पूरी तरह Rajdhara Survey Mobile App के माध्यम से किया जा रहा है। गणनाकार घर-घर जाकर मोबाइल ऐप पर परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। राज्य स्तर पर आयोग इस पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी करेगा, ताकि डेटा की गुणवत्ता बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी या त्रुटि की संभावना कम हो।
चुनाव में आरक्षण तय करने में मिलेगी मदद
सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर OBC समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन किया जाएगा। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगा। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में OBC, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के लिए आरक्षण का अंतिम ढांचा तैयार किया जाएगा।
चुनाव में देरी की बड़ी वजह
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। इसकी एक प्रमुख वजह आरक्षण तय करने के लिए आवश्यक और अद्यतन आंकड़ों का अभाव रहा है। इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। अब सरकार को उम्मीद है कि इस सर्वे के पूरा होने के बाद आरक्षण प्रक्रिया पूरी होगी और चुनाव कराने का रास्ता साफ हो जाएगा।
प्रशासन ने मांगा लोगों का सहयोग
सर्वे को समय पर पूरा करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों, नगर निकायों और पंचायती राज विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) को मुख्य जिला समन्वयक बनाया गया है, जो सर्वे की निगरानी करेंगे। आयोग ने OBC परिवारों से अपील की है कि वे सही और प्रमाणिक जानकारी दें, ताकि सर्वे निष्पक्ष और सफलतापूर्वक पूरा हो सके। साथ ही राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की अपील की गई है।

