मंडी. मकर संक्रांति का पर्व लोहड़ी के रूप में जनपद में धूमधाम के साथ मनाया जाता है. रविवार 14 जनवरी को मंडी जनपद में लोहड़ी पर्व के पावन अवसर पर तीर्थ स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ेगी. जहां लोग सुबह- सवेरे स्नान आदि कर मंदिरों में दर्शन कर पूजा अर्चना करेंगे. वहीं पर ग्रहों की शांति के लिए तुलादान भी करेंगे.
जयराम तत्तापानी में करेंगे जनसभा
रविवार को ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी जिला के तीर्थस्थल तत्तापानी में एक दिन का प्रवास करेंगे. इस मौके पर मुख्यमंत्री निशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करने के बाद जनसभा को भी संबोधित करेंगे. तत्तापानी तीर्थ स्थल पर लोहड़ी के दिन हजारों लोग आकर स्नान करते हैं. मगर कोलडैम के बन जाने से गर्म पानी के चश्में इसमें डूब गए हैं. अब लोग नलकों के माध्यम से उपलब्ध करवाए जा रहे गर्म पानी से ही स्नान करके काम चला रह हैं.
मुख्यमंत्री के इस पावन दिवस पर होने वाले दौरे से लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जहां यहां के विकास के लिए घोषणाएं करेंगे. वहीं पर गर्मपानी के चश्मों लिफट कर अन्यंत्र स्थापित करने की योजना को कार्यान्वित करने की घोषणा भी कर सकते हैं.
मौसम के बदलाव की दस्तक
लोहड़ी पर्व अपने आपमें मौसम के बदलाव की दस्तक भी है. संक्रांति के साजे के साथ ही माघ का धर्मी महीना भी शुरू हो जाता है. लोहड़ी को गांव की चौपाल पर अलाव जलाकर पूजा के अलावा नाचने गाने का भी कार्यक्रम होता है. वहीं पर लोहड़ी के दिन तुलादान करना भी शुभ माना जाता है.
मंडी जनपद के तत्तापानी के अलावा, रिवालसर, हिमरी गंगा, मच्छयाल आदि स्थानों पर भी लोग लोहड़ी के दिन स्नान कर तुला दान भी करते हैं. लोहड़ी के बाद से ही जहां मौसम में गर्माहट आने लगती है. वहीं पर दिन भी बढ़ने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती है. लोहड़ी की पूर्व संध्या पर लोग घर-घर से मांग कर लाई गई लकड़ी का अलाव बनाकर उसकी पूजा करते हैं. अलाव की परिक्रमा कर नृत्य आदि भी करते हैं. इस अवसर पर मुंगफली, रेवड़ी, गचक, गुड़,तिलभेगा आदि का सेवन करते हैं. जबकि लोहड़ी वाले दिन हर घर में घी-खिचड़ी का सेवन किया जाता है. यह त्योहार मौसम के बदलाव और खानपान के लिए मशहूर है.
