नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग से अंतिम फैसला लेने की समयसीमा बताने को कहा। पूर्व पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने आयोग से पूछा कि वह दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच पार्टी के नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद का अंतिम रूप से निपटारा कब तक कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू से अदालत ने विवाद पर अंतिम फैसला लेने में लगने वाले समय की जानकारी देने को कहा। अदालत ने संकेत दिया कि मामले की सुनवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने का दिया गया हवाला
ममता बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के दौरान TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज किया। उनके अनुसार, इस स्थिति में ममता बनर्जी के पास आयोग के फैसले को चुनौती देने का प्रभावी रास्ता सीमित हो गया है।
सुनवाई के दौरान सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए वह चुनाव पर रोक लगाने की मांग नहीं कर रहे हैं। अदालत की ओर से भी कहा गया कि चुनाव प्रक्रिया के बीच ऐसा आदेश देना व्यावहारिक रूप से अलग स्थिति पैदा करता है।
CJI ने रोजाना सुनवाई का सुझाव दिया
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुझाव दिया कि चुनाव आयोग मामले की सुनवाई शुरू कर सकता है और जरूरत पड़ने पर लगातार या रोजाना सुनवाई करके दोनों पक्षों से उपलब्ध दस्तावेज और सबूत ले सकता है। इसके बाद आयोग विवाद पर अपना फैसला कर सकता है। अदालत ने आयोग से इसी प्रक्रिया के लिए संभावित समयसीमा बताने को कहा है।
यह विवाद TMC के भीतर दो गुटों के दावों से जुड़ा है। चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ‘All India Trinamool Congress’ नाम और पार्टी के पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को फिलहाल फ्रीज कर दिया है। आयोग का कहना है कि पार्टी की पहचान और चुनाव चिन्ह पर दावे का अंतिम निपटारा Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 के तहत विस्तृत सुनवाई के बाद किया जाना है।
दोनों गुटों को दिए गए अलग नाम और चिन्ह
अंतरिम व्यवस्था के तहत चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी के गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम के साथ ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह दिया गया है। दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह मिला है। यह व्यवस्था अंतिम विवाद निपटने तक के लिए है।
चुनाव आयोग ने इससे पहले दोनों पक्षों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प देने को कहा था, क्योंकि दोनों गुट आगामी उपचुनावों में अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतर रहे हैं। आयोग ने कहा था कि मूल पार्टी नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल को लेकर अंतिम निर्णय होने तक अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।
28 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने अब चुनाव आयोग से विवाद के अंतिम निपटारे की समयसीमा स्पष्ट करने को कहा है। ममता बनर्जी की याचिका पर अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। इस दौरान आयोग की ओर से यह बताया जा सकता है कि दोनों गुटों के दावों पर विस्तृत सुनवाई पूरी करने और अंतिम फैसला लेने में कितना समय लगेगा।

