नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम 4:30 बजे विक्रांत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्यमियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 400 से अधिक युवा शामिल होंगे। इस संवाद में विकसित भारत, सीमावर्ती गांवों के विकास और युवाओं की भागीदारी को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार किया जा रहा है।
दो चरणों में आयोजित हुआ Viksit Vibrant Village Programme 2026
Viksit Vibrant Village Programme 2026 का आयोजन 4 जून से 30 जून तक दो चरणों में किया गया। इस दौरान लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती (Border) गांवों को कार्यक्रम में शामिल किया गया। इसमें भाग लेने वाले युवाओं का चयन देशव्यापी ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया, जिसमें तीन लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। चयनित प्रतिभागियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर वहां के लोगों के साथ रहने और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का अवसर मिला।
युवाओं ने गांवों में रहकर किए कई सामाजिक और विकासात्मक कार्य
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर Swachhta Drive, Government Schemes Awareness Campaign, Yuva Sammelan, Cultural Exchange Programme, Tree Plantation Drive, Mini Model Panchayat Simulation और स्थानीय कारीगरों से संवाद जैसी कई गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके अलावा युवाओं ने रणनीतिक महत्व वाले संस्थानों का भी दौरा किया, जिससे उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों की विकास यात्रा और चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर मिला।
सीमावर्ती गांवों की संस्कृति और विकास को करीब से जानने का मिला अवसर
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना था। साथ ही उन्हें यह समझाना भी था कि देश की सुरक्षा, विकास और राष्ट्रीय एकता में Border Villages की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम ने युवाओं में सामुदायिक भागीदारी, राष्ट्रीय एकीकरण और देश के दूरस्थ इलाकों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया।
MY Bharat के माध्यम से साकार हो रहा Viksit Bharat का विजन
MY Bharat के माध्यम से संचालित Viksit Vibrant Village Programme प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन पर आधारित है, जिसमें भारत के सीमावर्ती गांवों को देश के अंतिम नहीं बल्कि “पहले गांव” के रूप में विकसित करने की सोच शामिल है। सरकार का लक्ष्य इन गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए Viksit Bharat के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है। प्रधानमंत्री का प्रतिभागियों से संवाद इसी दिशा में युवाओं को प्रेरित करने और उनके अनुभव जानने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
