नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Open Market Sale Scheme (OMSS) के तहत Food Corporation of India (FCI) के गोदामों से चावल और गेहूँ की बिक्री की नई नीति लागू कर दी है। इस बार सरकार ने बिक्री के लिए कुल खाद्यान्न मात्रा तय नहीं की है। माना जा रहा है कि Super El Nino के संभावित असर और उत्पादन को लेकर अनिश्चितता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, राज्यों और उनकी एजेंसियों के लिए 48 लाख टन चावल का आवंटन निर्धारित किया गया है। यह नई नीति 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी।
एथेनॉल उत्पादन के लिए तय हुई नई Rice Price
सरकार के नए आदेश के मुताबिक, Ethanol Production के लिए डिस्टिलरियों को 31 अक्टूबर 2026 तक 2,320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चावल मिलेगा। इसके बाद 1 नवंबर 2026 से यह कीमत बढ़कर 2,390 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगी।
वहीं Wheat Price भी तय कर दी गई है। URS श्रेणी का गेहूँ 2,585 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि FAQ श्रेणी का गेहूँ 2,600 रुपये प्रति क्विंटल में उपलब्ध होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चावल की कीमत में परिवहन खर्च शामिल रहेगा, जबकि गेहूँ खरीदने वालों को परिवहन लागत अलग से चुकानी होगी।
राज्यों और Bharat Brand के लिए अलग-अलग रेट
सरकार के अनुसार, एथेनॉल उत्पादन के लिए कितना चावल उपलब्ध कराया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली मंत्रियों की समिति करेगी।
इसी दर पर उन राज्य सरकारों, सरकारी एजेंसियों और Community Kitchen को भी चावल उपलब्ध कराया जाएगा जिन्हें e-Auction के बिना आवंटन मिलेगा। यह सुविधा केवल उन राज्यों को मिलेगी जहां चावल का उत्पादन आवश्यकता से कम है और सार्वजनिक योजनाओं के लिए अतिरिक्त स्टॉक की जरूरत पड़ती है।
वहीं Bharat Brand के तहत खुदरा बिक्री करने वाली संस्थाओं NAFED, NCCF और Kendriya Bhandar को 31 अक्टूबर तक 2,480 रुपये प्रति क्विंटल तथा 1 नवंबर से 2,550 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चावल मिलेगा। यह चावल दुकानों, मोबाइल वैन, E-commerce Platform और बड़े रिटेल नेटवर्क के जरिए आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
निजी खरीदारों के लिए कितनी होगी कीमत?
यदि कोई निजी व्यापारी, उद्यमी या व्यक्तिगत खरीदार सीधे FCI Depot से चावल खरीदना चाहता है, तो उसे 31 अक्टूबर तक 2,890 रुपये प्रति क्विंटल और 1 नवंबर के बाद 2,970 रुपये प्रति क्विंटल की दर चुकानी होगी।
e-Auction के लिए भी तय हुए नए रिजर्व प्राइस
सरकार ने निजी कंपनियों और सहकारी संस्थाओं के लिए e-Auction के जरिए बेचे जाने वाले चावल की नई आरक्षित कीमतें भी जारी कर दी हैं। 25 प्रतिशत Broken Rice वाले चावल का रिजर्व प्राइस 31 अक्टूबर तक 2,660 से 2,890 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा। वहीं 1 नवंबर से यही कीमत 2,740 से 2,970 रुपये प्रति क्विंटल के बीच होगी। यह मूल्य चावल की खरीद के सीजन के आधार पर अलग-अलग रहेगा। खास बात यह है कि सरकार ने पुराने स्टॉक की कीमत नए चावल से कम रखी है, जबकि खुले बाजार में आमतौर पर पुराना चावल अधिक महंगा बिकता है।
बेहतर गुणवत्ता वाले चावल के लिए अलग श्रेणी
हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने चावल में टूटे दानों की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने को मंजूरी दी थी। इसके बाद बेहतर गुणवत्ता वाले 10 प्रतिशत Broken Rice के लिए अलग श्रेणी बनाई गई है।
इस श्रेणी के चावल का e-Auction Reserve Price 31 अक्टूबर तक 3,090 रुपये प्रति क्विंटल और 1 नवंबर से 3,180 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
वहीं 100 प्रतिशत Broken Rice का न्यूनतम बिक्री मूल्य 2,000 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है, जिसे निजी खरीदार e-Auction के माध्यम से खरीद सकेंगे।
हालांकि, डिस्टिलरी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल के लिए चावल की कीमत 2,320 रुपये प्रति क्विंटल और पूरी तरह टूटे चावल की कीमत 2,000 रुपये प्रति क्विंटल होने से कुछ बिंदुओं पर और स्पष्टता की जरूरत है। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एथेनॉल निर्माण में प्राथमिकता पुराने और टूटे हुए चावल के उपयोग को दी जाए।
गेहूं की बिक्री कैसे होगी?
नई OMSS Policy के तहत गेहूँ की बिक्री भी तय नियमों के अनुसार होगी। राज्य सरकारों, केंद्रीय सहकारी संस्थाओं और Community Kitchen को निर्धारित कीमत पर गेहूँ उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं निजी Flour Millers को गेहूँ केवल e-Auction के माध्यम से आरक्षित मूल्य पर खरीदना होगा।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
नई OMSS 2026-27 Policy का मकसद Food Grain Management को संतुलित बनाए रखना, विभिन्न उपभोक्ता वर्गों और उद्योगों तक जरूरत के मुताबिक चावल और गेहूँ की आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा Super El Nino जैसी संभावित मौसमीय चुनौतियों के बीच खाद्यान्न उपलब्धता और बाजार में कीमतों को स्थिर रखना है।
