कृषि और बागवानी से जुड़ी सरकारी योजनाओं में Subsidy Eligibility Rules को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड यानी National Horticulture Board (NHB) ने Commercial Horticulture और Cold Storage Schemes की गाइडलाइन में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों, केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और कई श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों को NHB की वित्तीय सहायता से बाहर कर दिया गया है। इसके साथ ही अब सब्सिडी लेने वाले व्यक्ति के परिवार की परिभाषा भी पहले से ज्यादा व्यापक कर दी गई है।
यह बदलाव उस जांच के करीब दो महीने बाद आया है, जिसमें एक केंद्रीय मंत्री और एक वरिष्ठ केंद्रीय सरकारी अधिकारी के परिवार के सदस्यों द्वारा खीरे की खेती के लिए Horticulture Subsidy का लाभ लेने की जानकारी सामने आई थी। NHB ने 21 अगस्त को संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं और ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
NHB ने क्यों बदले Subsidy Rules?
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन एक autonomous body है। NHB की Commercial Horticulture Scheme का उद्देश्य बड़े स्तर पर commercial farming को बढ़ावा देना है, ताकि किसान बागवानी फसलों के उत्पादन और post-harvest management के जरिए आय बढ़ा सकें।
NHB ने अपने नए आदेश में कहा है कि नियमों में बदलाव का उद्देश्य financial assistance को rationalise करना, benefits का equitable distribution सुनिश्चित करना, subsidy की duplication रोकना और scheme implementation को ज्यादा transparent और effective बनाना है।
अब कौन-कौन NHB Subsidy नहीं ले सकेगा?
संशोधित नियमों के तहत पांच प्रमुख श्रेणियों को NHB Schemes के तहत financial assistance के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। इनमें वर्तमान में संवैधानिक पद संभालने वाले व्यक्ति, केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री तथा सांसद और विधायक शामिल हैं।
इसके अलावा नगर निगमों के mayor और district panchayat के chairperson भी इस financial assistance के दायरे से बाहर होंगे। यानी राजनीतिक या संवैधानिक पदों पर मौजूद लोगों के लिए NHB Subsidy लेने की eligibility अब काफी सीमित कर दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बदले नियम
नए नियमों में Central और State Government के ministries तथा departments में काम करने वाले serving employees को भी NHB schemes की financial assistance से बाहर रखा गया है। इसके अलावा PSUs, autonomous bodies और local bodies के कर्मचारियों पर भी यह नियम लागू होगा।
हालांकि MTS, Class-IV और Group-D कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। यानी इन श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए NHB schemes के तहत सहायता प्राप्त करने की eligibility बनी रह सकती है।
₹10 हजार या ज्यादा पेंशन पाने वाले Retired Employees भी बाहर
संशोधित guidelines में retired और superannuated employees के लिए भी eligibility को स्पष्ट किया गया है। ऐसे pensioners जिन्हें हर महीने ₹10,000 या उससे ज्यादा pension मिल रही है, वे NHB schemes के तहत financial assistance के पात्र नहीं होंगे।
हालांकि MTS, Class-IV और Group-D कर्मचारियों को इस श्रेणी में भी अपवाद दिया गया है।
‘Family’ की परिभाषा भी हुई बड़ी
NHB ने सिर्फ beneficiary की eligibility ही नहीं बदली है, बल्कि Family Definition को भी संशोधित किया है। पहले scheme guidelines में परिवार में पति, पत्नी और dependent minor children को शामिल किया जाता था।
अब नई परिभाषा के अनुसार applicant के spouse, father, mother, sons और daughters को family का हिस्सा माना जाएगा। यानी अब परिवार की गणना करते समय माता-पिता और सभी बेटे-बेटियों को भी शामिल किया जाएगा।
परिवार के सदस्यों को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया
नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऊपर बताई गई प्रतिबंधित श्रेणियों में आने वाले लोगों के family members कुछ परिस्थितियों में NHB Scheme का लाभ ले सकते हैं। हालांकि उन्हें revised Family Definition और लागू नियमों के अनुसार eligibility पूरी करनी होगी।
इसके अलावा ऐसे परिवार के सदस्य को one-time assistance दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। यानी परिवार के सदस्य के लिए सहायता पूरी तरह खत्म नहीं की गई है, लेकिन उस पर नई शर्तें लागू होंगी।
पहले क्या था Subsidy का नियम?
Commercial Horticulture Scheme के तहत बड़े स्तर पर horticulture crops की commercial farming को बढ़ावा दिया जाता है। इस योजना में capsicum, cucumber और tomato जैसी सब्जियों के अलावा rose, lilium और chrysanthemum समेत कई फूलों की खेती शामिल है।
योजना के तहत project cost का अधिकतम 50 फीसदी तक subsidy देने का प्रावधान था। यह subsidy प्रति family अधिकतम ₹1 करोड़ तक सीमित थी।
अब revised guidelines के बाद इस financial assistance की eligibility को लेकर ज्यादा स्पष्ट और सख्त नियम लागू किए गए हैं।
मंत्री के परिवार को Subsidy मिलने के बाद आया बदलाव
नए नियम उस समय चर्चा में आए हैं जब इससे पहले एक जांच में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी से जुड़ी horticulture subsidy का मामला सामने आया था।
रिपोर्ट के अनुसार 2025 में उनके farm के लिए NHB की Commercial Horticulture Scheme के तहत करीब ₹99 लाख की subsidy ली गई थी। बाद में उन्होंने subsidy की पूरी राशि सरकार को वापस कर दी।
इसी जांच में वरिष्ठ IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार की पत्नी, बेटे और मां के भी इस scheme के beneficiaries में शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। गंगवार उस समय Department of Animal Husbandry and Dairying के Secretary के पद पर कार्यरत थे।
अब Subsidy वापस करने का भी ऑप्शन
संशोधित NHB guidelines में beneficiaries के लिए Voluntary Refund/Exit का प्रावधान भी जोड़ा गया है। इसके तहत यदि कोई beneficiary निर्धारित lock-in period के दौरान scheme से बाहर निकलना चाहता है तो वह पूरी subsidy राशि को लागू interest के साथ वापस कर सकता है।
NHB द्वारा refund स्वीकार किए जाने और निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद beneficiary को subsidy से जुड़ी obligations और restrictions से मुक्त किया जा सकता है।
Cucumber, Tomato और Flowers की खेती भी योजना में शामिल
NHB की Commercial Horticulture Scheme का उद्देश्य किसानों और उद्यमियों को बड़े पैमाने पर horticulture production के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत cucumber, capsicum और tomato जैसी high-value vegetables तथा कई प्रकार के flowers की commercial cultivation को बढ़ावा दिया जाता है।
सरकार की कोशिश है कि financial assistance वास्तव में eligible beneficiaries तक पहुंचे और subsidy का लाभ निर्धारित उद्देश्य के अनुसार commercial horticulture development में इस्तेमाल हो।
नए नियमों से क्या बदलेगा?
नई guidelines लागू होने के बाद NHB schemes में Subsidy Eligibility की जांच पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो गई है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, मंत्री, सांसद, विधायक, कई सरकारी कर्मचारी और ₹10,000 या उससे अधिक monthly pension पाने वाले retired employees अब financial assistance के लिए eligible नहीं होंगे।
साथ ही family की नई परिभाषा के कारण subsidy eligibility की जांच applicant के spouse, parents और बच्चों के आधार पर भी की जाएगी। NHB का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य subsidy distribution को ज्यादा transparent बनाना और सरकारी सहायता के दुरुपयोग या दोहराव को रोकना है।
