नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद लगातार आलोचनाओं का सामना कर रही National Testing Agency (NTA) अब अपनी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा हासिल करने के उद्देश्य से “Build New NTA” अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में NTA ने नौ वरिष्ठ पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल एजेंसी के नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और परीक्षा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नौ वरिष्ठ पदों पर होगी नियुक्ति
15 जुलाई को जारी भर्ती अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, स्वायत्त संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में कार्यरत अधिकारियों से आवेदन मांगे गए हैं। जिन पदों पर भर्ती की जाएगी उनमें तीन Joint Director, दो Deputy Director, दो Assistant Director, एक Research Scientist (C) और एक Senior Superintendent (Accounts) शामिल हैं। NTA ने इस भर्ती अभियान का पोस्टर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए “Build New NTA” का संदेश भी दिया।
अनुभवी अधिकारियों को मिलेगी प्राथमिकता
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में ऐसे अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें Examination Management, Exam Conduct, Institutional Oversight और प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव हो। उनका कहना है कि एजेंसी का उद्देश्य केवल रिक्त पद भरना नहीं बल्कि ऐसी मजबूत टीम तैयार करना है जो परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को नई पहचान दे सके। इससे छात्रों और अभिभावकों का NTA पर दोबारा विश्वास कायम करने में मदद मिलेगी।
पहले भी निकाली गई थीं अहम नियुक्तियां
NEET-UG विवाद के बाद यह दूसरी बड़ी भर्ती प्रक्रिया है। इससे पहले 17 मई को NTA ने Chief Technology Officer (CTO), Chief Finance Officer (CFO) और General Manager-Human Resources (GM-HR) जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। एजेंसी का कहना था कि इन नियुक्तियों के जरिए आधुनिक तकनीक, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और मजबूत मानव संसाधन प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि भविष्य में परीक्षा संचालन और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।
NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद उठे सवाल
इस वर्ष NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद NTA को 21 जून को दोबारा परीक्षा करानी पड़ी। 8 मई को एजेंसी को एक ईमेल प्राप्त हुआ था जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने और वायरल हुए गेस पेपर से कई सवालों के मेल खाने का दावा किया गया था। जांच के बाद NTA ने 15 मई को पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इस दोबारा आयोजित परीक्षा में 20 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
CBI जांच जारी, कई गिरफ्तारियां
पेपर लीक मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है। अब तक इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसी जल्द ही अपनी चार्जशीट अदालत में दाखिल करने की तैयारी में है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद NTA की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे, जिसके चलते एजेंसी अब प्रशासनिक सुधार और नई नेतृत्व व्यवस्था के जरिए अपनी साख दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
