नई दिल्ली. भारत के Oleoresin Paprika (Red Chilli Extract) निर्यात को अमेरिका के नए व्यापारिक फैसले से बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिकी प्रशासन ने भारत से आयात होने वाले इस उत्पाद पर Anti-Dumping Duty और Countervailing Duty (CVD) लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद भारतीय Spice Export Industry में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अमेरिका इस उत्पाद का सबसे बड़ा विदेशी बाज़ार माना जाता है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क भारतीय कंपनियों की Global Competitiveness को प्रभावित कर सकते हैं और निर्यात लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने यह फैसला एक स्थानीय निर्माता द्वारा दायर शिकायत के आधार पर लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भारतीय कंपनियां Oleoresin Paprika को अमेरिकी बाजार में बहुत कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे वहां के घरेलू उत्पादकों को नुकसान हो रहा है। इसी जांच के बाद अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर Anti-Dumping और Subsidy Countervailing Measures लागू करने का फैसला किया।
फरवरी और जून 2026 से लागू होंगे नए शुल्क
अमेरिका ने भारतीय Oleoresin Paprika Export पर 18.56% से 25.41% तक Countervailing Duty लागू की है, जिसे फरवरी 2026 से प्रभावी माना गया है। इसके अलावा 3.33% से 4.66% तक Anti-Dumping Duty भी जून 2026 से पूर्व प्रभाव (Retrospective Effect) के साथ लागू की गई है। इससे भारतीय निर्यातकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ने की संभावना है।
अतिरिक्त टैरिफ से और बढ़ सकती हैं मुश्किलें
उद्योग संगठनों का कहना है कि यह शुल्क उन संभावित अतिरिक्त US Tariffs से अलग हैं, जिन पर अमेरिका Section 301 के तहत विचार कर रहा है। जबरन श्रम (Forced Labour) से जुड़े प्रावधानों के आधार पर प्रस्तावित ये अतिरिक्त शुल्क 10% से 12.5% तक हो सकते हैं। यदि ये भी लागू होते हैं, तो भारतीय Spice Exporters के लिए अमेरिका में कारोबार करना और महंगा हो जाएगा।
सबसे बड़े Export Market पर पड़ सकता है असर
Oleoresin Paprika लाल मिर्च से तैयार किया जाने वाला प्राकृतिक अर्क है, जिसका उपयोग Food Processing Industry, Natural Food Colour, Cosmetics Industry और विभिन्न Seasoning Products में बड़े पैमाने पर किया जाता है। अमेरिका इस उत्पाद के लिए भारत का प्रमुख Export Market है और यहां होने वाली मांग भारतीय निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नए बाजार तलाशने की बढ़ी जरूरत
व्यापार आंकड़ों के अनुसार भारत हर वर्ष अमेरिका को लगभग 5.46 करोड़ डॉलर से 6.80 करोड़ डॉलर मूल्य का Oleoresin Paprika निर्यात करता है, जबकि इसकी मात्रा 21 लाख से 25 लाख किलोग्राम के बीच रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि Anti-Dumping Duty, Countervailing Duty और संभावित अतिरिक्त US Tariffs का संयुक्त प्रभाव भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर कर सकता है। ऐसी स्थिति में निर्यातकों को या तो बढ़ी हुई लागत स्वयं वहन करनी होगी या फिर New Export Markets की तलाश तेज करनी पड़ेगी।
