नई दिल्ली. झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को प्रदर्शन 24वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने की अपील की है। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर खुद प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे तो इससे सरकार की ओर से उनके मुद्दों के समाधान की प्रतिबद्धता का भरोसा मजबूत होगा।
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को लिखा पत्र
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनने और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जा सके।

राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से Paper Leak और Education System में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और कांग्रेस उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को अपना समर्थन देने का फैसला कर चुकी है।
सरकार ने बनाई थी कमेटी, कई मांगों पर बनी सहमति
राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि झारखंड सरकार ने छात्रों से बातचीत शुरू करने के लिए एक समिति का गठन किया है। उनके मुताबिक, छात्रों की कई मांगों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति भी बनी है। इसके बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और कुछ छात्र अभी भी Indefinite Hunger Strike पर बैठे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से छात्रों से संवाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे सरकार और प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी और लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर BJP-RSS पर राहुल का हमला
राहुल गांधी ने अपने पत्र में BJP और RSS पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की Education System पर कब्जा कर उसे छात्रों के शोषण और दमन का माध्यम बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था वह मजबूत Knowledge System नहीं रह गई है, जो करीब एक दशक पहले हुआ करती थी।
राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड के छात्रों की मांगें जायज हैं और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है।
24वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
राहुल गांधी का यह पत्र ऐसे समय आया है जब झारखंड में छात्रों का आंदोलन 24वें दिन में पहुंच गया है। राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को एक बार फिर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बातचीत में शामिल होने पर सहमति जताई है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों में कोई बदलाव नहीं आया है। छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर अब भी कायम हैं।
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए CBI Inquiry जरूरी है। इसके साथ ही वे JSSC-CGL Examination को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद इन मांगों पर अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।
अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच लंबित मांगों पर सहमति बनती है, तो 24 दिनों से जारी यह आंदोलन समाप्त होने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
