नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत शांति के पक्ष में खड़ा है और रूस-यूक्रेन युद्ध सहित मध्य पूर्व के संघर्ष को समाप्त करने के लिए सार्थक प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून के शासन में विश्वास रखते हैं। उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि वे अधिक मजबूत और प्रभावी बन सकें।
इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति की जानकारी दी गई। पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी खुशी जताई और कहा कि इससे भारत-पोलैंड के आर्थिक संबंधों को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
भारत और पोलैंड की आर्थिक प्रगति पर पीएम मोदी ने जताई खुशी
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और पोलैंड विकास, तकनीक और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने पोलैंड की अर्थव्यवस्था के एक लाख करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार करने पर प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क को बधाई दी। साथ ही, भारत की आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय विकास दर दर्ज की है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, दोनों देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने का पोलिश कंपनियों को न्योता
प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन की गतिविधियों में अधिक भागीदारी करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
पीएम मोदी ने भारत और पोलैंड के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (IT) तथा साइबर सुरक्षा के मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई भारतीय IT कंपनियां पोलैंड में काम कर रही हैं और दोनों देश इस सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
India-Poland Startup Bridge से युवाओं को मिलेंगे अवसर
पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत और पोलैंड के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए India-Poland Startup Bridge स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, दोनों देशों के युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन पहलों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, फिनटेक और अन्य उभरती तकनीकों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे दोनों देशों के युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री ने भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक तथा लोगों के आपसी संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा इतिहास में मानवीय संवेदना और करुणा की गहरी छाप है।
डोनाल्ड टस्क ने भारत-पोलैंड साझेदारी को सराहा
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत के साथ संबंधों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों देश एक-दूसरे का समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल दोनों देशों को, बल्कि पूरी दुनिया को लाभ होगा।
टस्क ने कहा कि उपग्रहों और ड्रोन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग ने राजनीतिक तनाव और संकट के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम ने महत्वपूर्ण खनिजों और रणनीतिक संसाधनों के मामले में देशों के आत्मनिर्भर होने की जरूरत को स्पष्ट किया है।
यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों की मदद का जिक्र
डोनाल्ड टस्क ने यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान वहां मौजूद भारतीय छात्रों की सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल समय में पोलैंड ने भारतीय छात्रों की देखभाल की थी और यह एकजुटता, विश्वास तथा मित्रता का व्यावहारिक उदाहरण था।
टस्क ने पीएम मोदी के यूक्रेन पर दिए गए शांति संदेश की सराहना करते हुए भारत को भरोसा दिलाया कि पोलैंड उसे निराश नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और मित्रता का रिश्ता आगे भी कायम रहेगा।
दोनों नेताओं की बातचीत से रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग सहित कई क्षेत्रों में भारत-पोलैंड संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में सहमति सामने आई।
