नई दिल्ली: भारत सरकार ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी General NS Raja Subramani को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। चार दशक से अधिक के सैन्य अनुभव वाले जनरल सुब्रमणि ने देश की सर्वोच्च सैन्य जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्हें चीन और पाकिस्तान से जुड़े रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।
जनरल सुब्रमणि ने General Anil Chauhan का स्थान लिया है। ऐसे समय में उनकी नियुक्ति हुई है जब भारत सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है।
लंबा और शानदार सैन्य करियर
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि National Defence Academy और Indian Military Academy के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को Garhwal Rifles की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था।
अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने असम में उग्रवाद विरोधी अभियानों, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा अभियानों और विभिन्न संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर का भी नेतृत्व किया।
कई अहम पदों पर निभाई जिम्मेदारी
CDS बनने से पहले जनरल सुब्रमणि National Security Council Secretariat में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले वह भारतीय सेना के उप सेनाध्यक्ष (Vice Chief of Army Staff) और केंद्रीय कमान के प्रमुख भी रह चुके हैं।
उन्होंने कजाखस्तान में रक्षा अताशे, सैन्य खुफिया विभाग में वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज के मुख्य प्रशिक्षक और उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
सैन्य सुधार और थिएटर कमांड पर रहेगा फोकस
पदभार संभालने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि उनका मुख्य फोकस सैन्य सुधारों, आधुनिकीकरण और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच संयुक्तता (Jointness), समन्वय और एकीकरण को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में लंबे समय से लंबित थिएटर कमांड योजना को आगे बढ़ाने में तेजी आ सकती है। इस योजना का उद्देश्य सेना, नौसेना और वायुसेना को एकीकृत कमांड संरचना के तहत लाना है।
‘JAI’ विजन के तहत करेंगे काम
नए CDS ने कहा कि उनकी कार्ययोजना प्रधानमंत्री के “JAI” विजन यानी Jointness, Atma Nirbharta और Innovation पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्वदेशी हथियारों के विकास, उत्पादन और सेना में शामिल करने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
कई प्रतिष्ठित सम्मान से हो चुके हैं सम्मानित
देश के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जनरल सुब्रमणि को Param Vishisht Seva Medal, Ati Vishisht Seva Medal, Sena Medal और Vishisht Seva Medal जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं।
चुनौतीपूर्ण समय में मिली जिम्मेदारी
जनरल सुब्रमणि की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने, स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ाने और बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के बीच एकीकृत युद्धक क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दे रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव और नेतृत्व से भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को नई गति मिल सकती है।

