नई दिल्ली..वीबी-जी-आरएएम-जी, वाराणसी पंच सम्मेलन, ग्रामीण विकास और विकसित भारत को लेकर वाराणसी में आयोजित देश के पहले पंच सम्मेलन में केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास का नया विजन प्रस्तुत किया। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि VB-G-RAM-G विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार की एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की सफलता में ग्राम प्रधानों, मुखियाओं और सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड से आए लगभग 500 ग्राम प्रधानों और मुखियाओं ने भाग लिया।
ग्रामीण विकास को मिलेगा नई व्यवस्था का सहारा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के कई दशक बाद भी देश के अनेक गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे गांवों में बिजली, सड़क, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से हो सके।
उन्होंने कहा कि VB-G-RAM-G ग्रामीण विकास योजनाओं में Transparency, Accountability और Public Participation को मजबूत करेगा। साथ ही ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
ग्राम प्रधानों से पांच वर्षीय विकास योजना बनाने की अपील
कमलेश पासवान ने ग्राम प्रधानों से अपने गांवों के लिए Five-Year Development Plan तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्थायी और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाए, ताकि विकास का लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।
1 जुलाई 2026 से लागू हुई नई व्यवस्था
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू VB-G-RAM-G ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा (MGNREGA) के संचालन के दौरान सामने आई व्यावहारिक चुनौतियों और आवश्यक सुधारों को नई व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिससे योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी कम होगी और लाभार्थियों तक समय पर सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
पंचायतों को मिलेंगी आधुनिक और पारदर्शी सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत विकास कार्यों की Online Monitoring, पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया, समयबद्ध भुगतान, Social Audit को मजबूत करना और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का चयन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे ग्रामीण अधोसंरचना, जल संरक्षण, रोजगार सृजन, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण आजीविका को गति मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा तथा महिलाओं, Self Help Groups (SHGs) और ग्रामीण युवाओं को भी अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
तकनीकी सत्र में दी गई विस्तृत जानकारी
सम्मेलन के तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों को VB-G-RAM-G Act 2025 के प्रमुख प्रावधानों और प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुति दी। वहीं GIZ ने Viksit Gram Panchayat Plan (VGPP) और PRADAN ने ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण पर अपने अनुभव साझा किए।
इसके अलावा NIRDPR ने ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता, Convergence, सहभागी योजना निर्माण, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाने पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों ने भी अपने राज्यों के अनुभव, नवाचार और सफल मॉडल साझा किए।
