नई दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि Artificial Intelligence (AI) और Drone Technology भारतीय कृषि को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों की मदद से किसानों की उत्पादन लागत कम, पानी और उर्वरक की खपत घटाने, फसलों की बेहतर निगरानी और उपज बढ़ाने में सहायता मिलेगी। गडकरी ने विशेष रूप से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के 5,000 गन्ना किसानों को AI आधारित खेती से जोड़ने की योजना का उल्लेख किया।
गन्ना और संतरा किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ
नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने बताया कि Agrovision Foundation विदर्भ के 1,000 संतरा उत्पादक किसानों और 5,000 गन्ना किसानों के बीच AI आधारित कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इस पहल के तहत किसानों को Crop Monitoring, Irrigation Management और Disease Surveillance जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
समय रहते होगी फसलों की बीमारी की पहचान
गडकरी ने कहा कि AI की मदद से फसलों में बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान समय रहते की जा सकेगी। इससे किसानों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने का मौका मिलेगा और फसलों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा। साथ ही, Smart Irrigation के जरिए पानी का बेहतर उपयोग होगा और उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा।
तकनीक के साथ प्रशिक्षण भी जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल नई तकनीक उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं होगा। किसानों को AI Tools और Drone Technology के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक किसान इन तकनीकों का सही तरीके से इस्तेमाल करना नहीं सीखेंगे, तब तक आधुनिक कृषि का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
तकनीक आधारित खेती को मिला सम्मान
इस अवसर पर कृषि विकास प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में Agricultural Development Trust, बारामती के अध्यक्ष राजेंद्र पवार को डॉ. सी.डी. मये पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गडकरी ने उनके संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि संगठन किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, पशुपालन, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से नई दिशा दे रहा है।
विदर्भ में लागू होगा तकनीक आधारित कृषि मॉडल
गडकरी ने कहा कि बारामती की तरह Technology-Driven Farming Model को विदर्भ सहित देश के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि आने वाले समय में AI, Drones और अन्य Advanced Technologies भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और कम लागत वाला बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
